Reserve Ratios (CRR & SLR)

Reserve Ratios 


किसी भी बैंक में प्रचालन के दौरान बैंक को एक amount  अलग रखना पड़ता है, उसको Reserve Ratio की  सहायता से निर्धारित किया जाता है। हर देश की सेंट्रल बैंक यह ratio निर्धारित करती है। 

जैसी अपने भारत देश में रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) यह काम करती है।   

ये दो प्रकार के है जैसा कि  चित्र में दिखाया है :

1. Cash Reserve Ratio

2. Statutory Liquid Ratio


CRR, SLR
Reserve Ratio
दोनों Ratio निकालने के लिए , पहले NDTL  निकालना पड़ता है. उसके बाद ही CRR & SLR निकाल  सकते है। 

किसी देश की सेंट्रल बैंक NDTL का कुछ Percentage फिक्स करती है।  जैसे भारत में CRR & SLR क्रमशः 4% & 20.5%   है।  



CRR & SLR
How to Calculate CRR & SLR 


माना किसी बैंक का प्रचलन के दौरान किसी समय पर NDTL 100 करोड़ आया तब CRR अगर 4% हैं 

तब                          CRR           =       4% of 100      =       4 करोड़


और अगर SLR 22% हैं 

तब                           SLR           =       19.5%100         =  19.5 करोड़




RBI के अनुसार अभी CRR & SLR क्रमशः 4% & 19.5%   है।  तो बैंक को ये पैसा अलग से रखना पड़ेगा ताकि इमरजेंसी में ये पैसा काम आ सके। 

Cash Reserve Ratio (CRR)


  • यह सभी बैंकों पर लागू होता है और सभी Banks को यह maintain  करना होता है 
  • maintain  न करने पर Penalty लगती है 
  • इस पर कोई profit नहीं कमा सकते है 
  • Right now 4% (As on June'18)
  • IIM-A के Prof D'Souza report के अनुसार banks  को gold-forex  में investment करना allow कर देना चाहिए 
  • पर RBI ने कहा कि  volatility के कारण ये लागू नहीं कर सकते है 
Statutory Liquid Ratio (SLR)



  • यह सभी बैंकों पर लागू होता है और सभी Banks को यह maintain  करना होता है 
  • सभी banks  को इसे Cash में या फिर gold या RBI द्वारा अनुमोदित securities मै रखना होता है 
  • इस पर कुछ  “profit” कमा सकते है 
  • Right now 22% (As on June'18)


Example 




Deposit
Examples
Time Deposit
FDRD
Demand Deposit
CASA
Net Demand and Time Liabilities (NDTL)
+100 cr.
Reserve
CRR
(-) 4 [no profit]
SLR
(-) 19.5 [some profit]
Money left
with bank
= 76.5 cr.

यहाँ पर ध्यान देने योग्य बात है की हर fortnight (दो सप्ताह का समय) को NDTL  निकाला जाता हैं।  जैसे इस picture  से हम समझ सकते है। 



NDTL calculated at two weeks interval
Fortnight lag calculation of NDTL


माना शुक्रवार को NDTL 100 करोड़ था तब CRR & SLR को दो सप्ताह तक maintain करना होगा। 

दो सप्ताह के बाद फिर से NDTL निकाला जाएगा, फिर नए NDTL  से फिर से CRR & SLR निकाला जायेगा और फिर से उसे maintain करना होगा। 

High CRR & SLR vs Low CRR & SLR


LPG रिफार्म से पहले CRR & SLR क्रमश: 15% व् 38% था। 

Total Reserve Ratio = 25 +38 = 53% 

इस वजह से 


१. लोन महंगे हो जायेंगे 

२. business  expansion  कम होगा 

३. एक्सपोर्ट कम होगा 

४. नौकरियां कम पैदा होंगी 

५. टैक्स कम  एकत्रित होगा 

६. Fiscal Deficit बढ़ेगा 


1991 के LPG reform के बाद नरसिम्हा कमिटी ने CRR & SLR को कम 

करने की शिफारिश की. Government  ने शिफारिशों को मानते हुए, 

Reserve Ratio  कम  किये 


Narsimha Recommended to reduce Reserve Ratio

अगर CRR की History  देखें तो CRR कम  होता आया है।  केवल एक बार ही २०१० में ६% बढ़ाया गया था जब मंदी  का दौर था 


CRR history
CRR in India
अगर SLR की History  देखें तो SLR भी कम  होता आया है।  केवल एक 

बार ही 2010 में 6% बढ़ाया गया था जब मंदी  का दौर था।  

RBI ने भी जो Bank Regulation Act में 25% की seling  भी निकाल दी 

थी . 

और 2015 से RBI ने कहा है कि  अब वो हर quarter में 0.25% SLR 

कम  करती जाएगी 

SLR
SLR in India




CRR व SLR की सहायता से Inflation से कैसे लड़ें

ये तो जाहिर सी बात है कि  Inflation कम करने के लिए market में पैसों की supply कम करनी होगी।  अगर लोगों के हाथ में पैसे कम जाएंगे तो लोग कम खर्च करेंगे, demand  काम होगी और Inflation  काम होगा 

इसे हम एक example  से समझ सकते हैं ,


Reducing Inflation with CRR & SLR
Combat Inflation with CRR & SLR
माना NDTL 2 करोड़ हैं, और  लोन रेट 10% हैं 

माना कि पहले CRR SLR दोनों ZERO हैं 

तब बैंक के पास लोन देने के लिए उपलब्ध पैसे होंगे 

= 10 % of 2 करोड़ = 20 लाख 


अब SLR व CRR 50% हो तो 

Reducing Inflation with CRR & SLR
Combat Inflation with CRR & SLR
इस case में NDTL  = 2 करोड़ 

CRR & SLR = 50% of 2 Cr  = 1 Cr

बाकी पैसे = 2 - 1 = 1 Cr

तब बैंक के पास लोन देने के लिए उपलब्ध पैसे होंगे 

= 10 % of  1 करोड़ = 10 लाख 

इस तरह बैंक के पास लोन देने के लिए पैसे कम होंगे >> पैसों की सप्लाई कम होगी >> तब बैंक अपना margin maintain करने के लिए अपने रेट बढ़ा देंगे >> लोन महंगे हो जाएंगे >> लोन कि डिमांड कम हो जाएगी >> महंगाई कम होगी  

और अगर बैंक CRR SLR के रेट कम कर दे तो vice versa 

तो हम सार में कह सकते है कि  

Combat Inflation  & Deflation with CRR & SLR
Combat Inflation & Deflation with CRR & SLR



Monetary Policy को Bimonthly Review किया जाता है 

Mock Question
 

Find correct statement(s)?
A.To combat inflation, RBI should pursue Cheap money policy.
B.To combat deflation, RBI should increase Statutory liquidity ratio (SLR)
C.Both A and B
D.Neither A nor B

Ans: D
Mock Question UPSC 2010
When RBI  increases CRR, It means ___.
A.RBI will have less money to lend
B.Government will have less money to spend.
C.Commercial banks will have more money to lend
D.Commercial banks will have less money to lend


Ans: D

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