Money Multiplier Concept


जब एक व्यक्ति पैसा कमाता है पर वो अपना पूरा पैसा निवेश नहीं करता। क्यों वो अपना पैसा बॉन्ड, सोने या और किसी माध्यम में पैसा रखता हैं ??

वो पैसे का कुछ भाग कैश के रूप में रखता हैं ताकि समय आने पर वो पैसा काम आ सके। 

सवाल ये हैं की पैसे की मांग क्यों होती हैं  .. 

इसके तीन कारण होते हैं 


1. लेनदेन का उद्देश्य (Transaction motive)  : 

पैसा एक  विनिमय का माध्यम होता हैं हम अपनी जरुरत की वस्तुएं पैसे से ही खरीद सकते हैं 

2. सावधानी पूर्वक उद्देश्य (Precautionary motive): यह दूसरा उद्देश्य है

उसे अचानक आये व्यय या आपातकालीन उद्देश्य के लिए कुछ राशि की आवश्यकता हो सकती है

3. काल्पनिक उद्देश्य Speculative motive 

कुछ लोग बंधन / सोने / भूमि की कीमतों में गिरावट की प्रतीक्षा करते हैं, फिर वे इसमें निवेश करते हैं। फिर वे अनुमान लगाते हैं कि कीमत के उदय के बाद, वे पैसे खरीदने के लिए पैसे का उपयोग करेंगे।

उपर्युक्त कारणों से लोग पैसों को बैंक्स में (Current  & Saving  Accounts ) और cash के रूप में रखते हैं। 

तो हम कह सकते हैं 

                              M1 = Cash (A) + Deposits in Banks (CA & SA) 

माना कि किसी के पास १०० रूपये हैं और उसने पैसे अपने पास ही रखे हैं व् बैंक में नहीं जमा किया है 

तब हम कह सकते हैं कि 

M1 = Rs. 100

Money multiplied with deposited money
Money Multiplier



और अगर उसने अपने सारे पैसे बैंक में जमा कर दिए तब 

M1 = Rs. 100

Money multiplied with deposited money
Money Multilier

If CRR is Kept @ 10% Then 


M1 = Cash (100) + Bank Deposit (90)

Money multiplied with deposited money
Money Multiplier

तो ये दिखता हैं कि १०० रूपये बैंक में जमा करने पर Money Supply M1 = 190 रूपये हो जाता हैं

और ये क्रम जारी रहे तो

Money multiplied with deposited money
Money Multiplier

बैंक हर 100 रूपये के ऊपर 10x Money बनाता  हैं यदि CRR 10% हैं।

तो Multiplier will be

= 1/r   (if r is the reserve ratio)

Money multiplied with deposited money
Money Multiplier

किसी अर्थव्यवस्था के लिए Multiplier, 1  से अधिक होना चाहिए


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