Consolidation of Banks in India: SBI Merger

Why Consolidation is Required in Bank System:

यह देखा गया कि Aviation Sector, Telecom Sector में निजी संस्थाओं को license देने के बाद , इन क्षेत्रों में competition बढ़ा जिससे इन क्षेत्रों में Quality of Service अच्छी हुई। इसी सोच के तहत बैंक क्षेत्र में भी निजी संस्थाओं को license दिया गया। 

पर ऐसा सुधार देखने को नहीं मिला जैसा Aviation Sector और Telecom Sector में मिला था । बल्कि Public Sector Banks में ही competition बढ़ा गया ।

2016 में गुरुग्राम में आयोजित ज्ञान संगम में यह निर्णय लिया गया कि SBI और इसके सहयोगी बैंकों को merge किया जाएगा ।

SBI and its Associates Banks Merger 

01.04.2017 से SBI और इसके सभी बैंकों का विलय हो गया। इस विलय में निम्न बैंक शामिल थे :

SBI and Associates Banks Merger

इस विलय के बाद, एसबीआई संपत्ति के मामले में शीर्ष 50 बैंकों के लीग में शामिल हो जाएगा। विलय के बाद, SBI से 22,500 शाखाओं और 58,000 एटीएम के साथ 37 लाख करोड़ रुपये या 555 अरब डॉलर से अधिक संपत्ति के साथ दुनिया के सबसे बड़े बैंक के साथ प्रतिस्पर्धा करने की उम्मीद है। इसमें 50 करोड़ से ज्यादा ग्राहक होंगे।

How Merging Done ??

सभी पांचों बैंकों कि स्थिति इस तरह थी : 

SBI Associates Banks Status before Merging 
State bank of Patilyala और State bank of Patilyala सभी shares SBI को हस्तांतरित कर दिये गए क्योंकि एसबीआई के पास इन दोनों बैंकों के सभी shares थे ।

बाकि बैंकों को merge करने के लिए Swap Ratio का सहारा लिया गया ।

Merging का वर्णन निम्न चित्र की सहायता से किया गया हैं :

SBI Associates Banks Merging Process

What is Swap Ratio: 

Swap Ratio is an Exchange Ratio used in Mergers and Acquisition.

Swap Ratio 2.8 in case of State Bank of Bikaner & Jaipur

SBBJ के शेयरधारकों को हर 10 शेयर (10 प्रत्येक) के लिए SBI (1 प्रत्येक) के 28 शेयर मिलेगा।

Swap Ratio 2.2 in case of State Bank of Mysore & State Bank of Travancore 

शेयरधारकों को हर 10 शेयरों के लिए एसबीआई के 22 शेयर मिलेगा

Swap Ratio for SBI Associates Banks Merging

विलय के बाद एसबीआई की स्थिति
SBI में अब 23,899 शाखाएं और 271,765 की कर्मचारी शक्ति होगी। SBI के पास अब 26 लाख करोड़ रुपये से अधिक का जमा आधार है

देश भर में बैंक का कुल ग्राहक आधार 37 करोड़ और लगभग 59,000 एटीएम  है।

अब, एसबीआई दुनिया के शीर्ष 50 बड़े बैंकों में से एक होने वाला है। 


भारतीय महिला बैंक का SBI में विलय 

भारतीय महिला बैंक 


भारतीय महिला बैंक भारत का पहला महिला बैंक है। 2013 के बजट में वित्तमंत्री ने महिला बैंक का प्रस्ताव रखा था और उसके लिए 1,000 करोड़ रुपए पूंजी आवंटित की थी।

सार्वजनिक क्षेत्र का यह पहला बैंक है जिसकी निदेशक मंडल की सभी सदस्यायें महिलाएं हैं। उषा अनंतसुब्रमण्यम भारतीय महिला बैंक की प्रबंध निदेशक है

इस बैंक की विशेषता यह है कि इसमें सभी कर्मचारी महिलाएं है और ग्राहक भी महिलाएँ ही होती हैं। महिलाओं को अपने मनपसंद घरेलू कामों के साथ-साथ छोटे-मोटे कारोबार के लिए कर्ज मिल सकेगा। 

बैंक का मुख्यालय दिल्ली में है।

1 अप्रैल 2017 से इस बैंक का भी SBI में विलय हो गया 

आखिर क्यूँ विलय हुआ 

इसके पीछे निम्न कारण बताए गए : 

1. सरकार द्वारा यह बताया गया कि महिला  ग्राहकों तक ज्यादा से ज्यादा पहुंच बनाने के लिए महिला बैंक के स्टेट बैंक में विलय का फैसला लिया गया है.

2. वित्त मंत्रालय ने कहा था कि इसका उद्देश्य महिलाओं को उचित दर पर कर्ज मुहैया कराना और बड़े नेटवर्क और कम लागत के जरिए महिलाओं के लिए विशेष उत्पाद तैयार करने और मुहैया कराने के उद्देश्य को तेजी से हासिल करना है.

3. एसबीआई पहले से ही विशेष महिला केंद्रित 126 शाखाएं संचालित कर रहा है, जबकि महिला बैंक की अब तक सिर्फ सात शाखाएं ही थीं.

4. महिला बैंक की स्थापना 2013 में की गई थी और तब से अब तक महिला बैंक ने 192 करोड़ रुपये का कर्ज महिलाओं को दिया है. वहीं, स्टेट बैंक ने महिलाओं को 46,000 करोड़ रुपये कर्ज दे रखा है.

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